कुछ बातें अनकही जाने दो,
कुछ गिले अनसुने जाने दो,
कुछ रंज़िशें अनसुलझी जाने दो!
बस मन की शांति मिल जाए हमें,
कुछ नादानियां भुला जाने दो!
सब सवाल पूछ लिए तुमसे यदि,
जवाब शायद मिल भी जाएँ!
मगर संतुष्टि मुझे मिलेगी क्या?
नहीं ना! तो क्यूँ रखूँ कोई द्वेष तुमसे?
कहानियां खत्म होती हैं, हो जाने दो!
कुछ समय और लगेगा शायद!
मुझको मैं सताना बंद करूंगा,
ख़ुदको रुलाना बंद करूंगा,
मेरी मीठी मीठी बातों से, महफिलों में
कठपुतलियों को रुलाना बंद करूंगा
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